
नई दिल्ली। काबुल स्थित भारतीय दूतावास पर 7 जुलाई को हुए आत्मघाती बम हमले के बाद वहां की स्थिति समान्य हो रही है। दूतावास में आज यानी रविवार से अफगान नागरिकों को वीजा देने का काम शुरू हो गया।
हालांकि दूतावास शनिवार को जनता के लिए खोल दिया गया था और आज से वीजा देने का काम भी शुरू हो गया।
भारतीय राजदूत ने बताया कि भारत के कम खर्च में बेहतर इलाज के केंद्र के रूप में उभरने के बाद अधिकांश अफगान नागरिक इलाज कराने के लिए भारत जाना चाहते हैं।
भारतीय राजदूत के मुताबिक हमले का उद्देश्य अफगानिस्तान में भारत द्वारा किए जा रहे विकास कार्यो को रोकने की कोशिश थी।
भारत अफगानिस्तान में कई सड़क और पुल परियोजनाओं को पूरा करने के काम में लगा हुआ है। इन कार्यो में करीब 3,700 भारतीय लगे हुए हैं।
भारतीय दूतावास पर हमले के लिए दो महीने पहले प्राप्त खुफिया सूचना के बाद दूतावास की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। लेकिन भारतीय राजदूत ने कहा कि आत्मघाती हमलों को रोकने का कोई उपाय नहीं है।
इस बम विस्फोट के बाद दूतावास के चारों ओर बम विस्फोट रोधी बैरियर लगाने की योजना बनाई गई है।
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