
काठमांडू। नेपाल में नई माओवादी सरकार के गठन का रास्ता 13 जुलाई को साफ हो जाएगा। संविधान सभा द्वारा रविवार को उस संशोधन प्रस्ताव को स्वीकार करने की उम्मीद है।
संशोधन प्रस्ताव के पास होने के बाद साधारण बहुमत से ही माओवादी सरकार का गठन हो सकता है। 601 सदस्यीय संसद में माओवादियों को पूर्ण बहुमत तो नहीं मिला है लेकिन इसके बाद उनके लिए रास्ता आसान हो जाएगा।
जिससे दो-तिहाई बहुमत से सरकार के निर्माण की बाध्यता वाला प्रावधान खत्म हो जाएगा। इसके बाद साधारण बहुमत की मदद से माओवादी सरकार बनाने में कामयाब होंगे।
गौरतलब है कि संविधान सभा में 12 दिन पहले रखे गए इस संशोधन के प्रस्ताव को तराई के तीन दलों के विरोध के कारण रोक दिया गया था। तराई मधेशी लोकतांत्रिक पार्टी, मधेशी जनाधिकार फोरम और सद्भावना पार्टी एक पृथक स्वायत्त मधेशी राज्य की मांग के कारण इसका विरोध कर रहीं थीं।
तीनों पार्टियों ने बुधवार को कानून मंत्री नरेंद्र विक्रम नेमबंग को संशोधन प्रस्ताव को सदन के पटल पर रखने के लिए सहमति दे दी।
मालूम हो कि मई में राजा ज्ञानेंद्र के पद छोड़ने के बाद से ही नेपाल बिना राष्ट्र प्रमुख के हैं। नेपाल के पहले राष्ट्रपति के चुनाव पर भी दुनिया की नजरे लगी हैं। प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोइराला भी पद से इस्तीफा देने के बाद कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में काम कर रहे हैं।
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